Sunday, 3 May 2020

बिहार के परिदृश्य में कोविड-19 पर एक नजर


22 मार्च 2019, रविवार को दोपहर में कोविड-19 का दस्तक बिहार में होता है। वैसे तो किसी भी राज्य में कोविड-19 की दस्तक परेशान करने वाला ही समय होता। लेकिन बिहार में यह कुछ अत्यधिक ही परेशान करने वाला था। इसका कारण यहाँ इस बीमारी से ग्रसित राज्य के पहले मरीज की मौत के बाद उसमें कोविड-19 की पुष्टि होना था। मरने वाला व्यक्ति 13 मार्च को ही कतर से अपने गृह जिले मुंगेर लौटा था। संदिग्ध के तौर पर 20 मार्च को उन्हें पटना के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 21 मार्च के शाम में उनकी मौत हो गई। उन्हें पहले से किडनी की बीमारी थी। ध्यान देने वाली बात यह है कि एक कोरोना संदिग्ध के मौत के बाद एम्स प्रसाशन ने सामान्य प्रक्रिया के तहत उनके शव को उनके परिजनों को सौंप दिया। इस पूरे घटना ने बिहार सरकार के पूर्व से किये गए सारे दावों की धज्जियाँ उड़ा दी। जिसमे विदेश से लौटे सारे यात्रियों का स्क्रीनिंग से लेकर उनके होम आइसोलेशन और तमाम पोटोटोकॉल का पोल खोल के रख दिया। 22 मार्च तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक बिहार में तब तक कोरोना के 504 संदिग्धों को राज्य भर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। इनमें से 143 लोगों के सैंपल टेस्ट के लिए लैब भेजे गए थे। तब तक दो लोग कोरोना संक्रमण से पॉजिटिव पाए गए हैं जबकि 96 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने यह भी जानकारी दी थी कि 119 लोग जो बाहर से यात्रा करके आए थे उन्होंने 14 दिन की निगरानी का वक़्त पूरा कर लिया है। बिहार में कोविड-19 से दूसरी मौत भी एम्स पटना में ही 17 अप्रैल को हुआ था। युवक वैशाली जिले का रहने वाला था। युवक मंगलवार 14 अप्रैल को गंभीर हालत में एम्स में भर्ती कराने लाया गया था। उसकी किडनी और लिवर में परेशानी होने के साथ-साथ सांस लेने में काफी तकलीफ थी। कुछ देर ट्रॉमा सेंटर में रखने के बाद उसे कोरोना आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था। वहीं से उसका सैंपल लिया गया जो जांच के बाद कोरोना पॉजिटिव निकला। गुरुवार से ही उसकी हालत काफी खराब होने लगी थी। उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। शुक्रवार को दिन में उसकी मौत हो गई। लेकिन तब तक एम्स पटना के प्रसाशन ने अपनी पुरानी गलतियों से काफी कुछ सबक ले लिया था। एम्स में कोरेाना के नोडल पदाधिकारी डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया था कि उसके शव को केमिकल साथ प्लास्टिक के बैग में पैक कर वैशाली जिला प्रशासन को दिया गया है। वैशाली प्रशासन की टीम ने उनका अंतिम संस्कार बांस घाट पर करवाया। इसमें मरीज के दो-तीन करीबी रिश्तेदार ही शामिल हुए थे। अस्पताल में आए मृतक के दो भाई और उसकी पत्नी की भी गुरुवार को कोरोना संदिग्ध के रूप में जांच की गई थी। तीनों की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। 16 अप्रैल तक राज्य में कोरोना पीड़ितों की संख्या बढ़कर 72 से 83 हो गई थी। इस बीच, कोरोना पॉजिटिव वैशाली के युवक का इलाज करने वाले पटना के दो निजी अस्पताल और एक जांच केंद्र को सील कर दिया गया था। तब तक बिहार में संक्रमित जिलों की संख्या 13 हो गई थी। बिहार में कोरोना से तीसरी मौत एनएमसीएच में शुक्रवार 1 मई को हो गई। मृतक मोतिहारी का रहने वाला था। उसकी उम्र 54 थी। बताया गया कि, मृतक को कैंसर भी था और उसका इलाज मुंबई के टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल में चल रहा था. वहीं, कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद उसका इलाज पटना के एनएमसीएच में चल रहा था। 1 मई तक राज्य में कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 466 पहुंच गई थी। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार के मुताबिक, राज्य में कुल मरीजों की संख्या में 466 थी। जबकि 82 मरीज ठीक होकर घर लौट चुके थे। ध्यान देने वाली बात यह थी कि 1 मई तक बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण का प्रभाव 30 जिलों में पहुंच चुका था। बिहार में कोरोना से चौथी मौत अगले दिन ही एनएमसीएच में शनिवार 2 मई को गई। चौथा मृतक भी अपने कैंसर का इलाज टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल में करा रहा था। कोरोना पॉजिटिव मरीज सीतामढ़ी का था और उसकी उम्र 45 वर्ष थी। अधीक्षक ने बताया कि उसकी पत्नी भी कोरोना पॉजिटिव है और एनएमसीएच के मेडिसिन विभाग में भर्ती है। 2 मई तक बिहार में कोरोना के कुल 478 मरीज संक्रमित हो चुके थे जिसमें से 101 मरीज ठीक हो चुके थे। बिहार में आज 3 मई तक कोरोना पोसिटिव मरीजों की 517 पहुंच चुकी है। बिहार में अब तक कोरोना जांच करने वाले छः लैबों की स्थापना की जा चुकी है। कल से लॉकडाउन का तीसरा चरण भी शुरू होने वाला है। बाहर के राज्यों में फंसे लोगों का बिहार आगमन भी शुरू हो गया है। इस को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा बिहार के कुछ जिलों को ग्रीन जोन में रखे जाने के बावजूद आपने राज्य में सभी जिलों को या तो रेड या ऑरेंज जोन में ही मानकर सारी व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। जो कि स्वागतयोग्य है।

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